­
Hindu Mantavya
HinduMantavya
Loading...

श्री गुरु अष्टकम | Shri Guru Ashtakam Stotram

 शरीरं सुरुपं तथा वा कलत्रंयशश्चारू चित्रं धनं मेरुतुल्यम् ।मनश्चेन्न लग्नं गुरोरंघ्रिपद्मेततः किं ततः किं ततः किं ततः किम् ॥१॥Shareeram Suroopam Thatha Vaa Kalatram,Yasascharu Chitram Dhanam Meru Tulyam,Manasche Na Lagnam Guro Ranghri Padme,Tatah Kim, Tatah Kim, Tatah Kim, Tatah KimHindi Translation:- यदि शरीर सुंदर हो, पत्नी भी सुंदर हो और...

Read More...

,

सूर्याष्टकम् - आदिदेव नमस्तुभ्यं (Suryashtakam: Adi Deva Namastubhyam)

    आदिदेव नमस्तुभ्यं प्रसीद मम भास्कर । दिवाकर नमस्तुभ्यं प्रभाकर नमोऽस्तु ते ॥१॥ Aadi-Deva Namastubhyam Prasiida Mama Bhaaskara । Divaakara Namastubhyam Prabhaakara Namostu Te ॥1॥   सप्ताश्वरथमारूढं प्रचण्डं कश्यपात्मजम् । श्वेतपद्मधरं देवं तं सूर्यं प्रणमाम्यहम् ॥२॥ Sapta-Ashva-Ratham-Aaruuddham Pracannddam Kashyapa-[A]atmajam । Shveta-Padma-Dharam Devam Tam Suuryam Prannamaamy[i]-Aham ॥2॥  ...

Read More...

,

दयानंद का अद्भुत विज्ञान | Dayanand Ka Vigyan

अपने अतिरिक्त सब को मुर्ख जानने वाले दयानंद की बुद्धि का एक नमूना आपको दिखाते हैं, उसके बाद आप ही यह निर्णय करें कि इस लेख को लिखने वाले दयानंद की बुद्धि कैसी रही होगी। सत्यार्थ प्रकाश नवम् समुल्लास पृष्ठ १७५, ❝(प्रश्न) यह जो ऊपर को नीला और...

Read More...

,

क्या चाणक्य मूर्तिपूजा विरोधी थे? | Kya Chankya Murtipuja Virodhi The

आर्य समाजी इस लेख का खंडन करके दिखाए! आर्य समाजी हमेशा यह तर्क देते है कि महान आचार्य चाणक्य मूर्तिपूजा विरोधी थे, लेकिन अपने पंथ को चलाए रखने के लिए ये इसी तरह के कई कुतर्क करते रहते है जो बिल्कुल निराधार साबित होते आए है- ...

Read More...

,

क्या क्रांतिकारी आर्य समाज से थे? | Kya Krantikari Arya Samaj Se The

आर्यसमाजी गपोड़ा     आर्यसमाजी अक्सर एक गप्प मारते हैं कि– स्वतन्त्रता आंदोलन के ८० प्रतिशत क्रांतिकारी, आर्यसमाजी थे, इनके लेखो व पत्रिकाओ मे भी ये बात देखने में आती हैं। जिनमे कि गप्प और झूठ लिख लिखकर ये स्वयं का इतना महिमामंडन करते हैं कि लगता है...

Read More...

,

सुधारक, निन्दक या सहायक | Sudhark Nindak Ya Shayak

सोशल मीडिया में प्रखर ज्ञानियों के कुछ कमेन्ट्स पढ कर केवल औपचारिकता के नाते केवल अपने विचार लिख रहा हूँ। यह किसी पर व्यक्तिगत आक्षेप नहीं मेरे निजि विचार हैं अगर किसी को तर्क-संगत ना लगे, तो ना आगे पढें और ना मानें। मेरे पास केवल ऐक साधारण...

Read More...

, , ,

पशुहिंसक दयानंद- जिहादी दयानंद | Pashuhinsak Jihadi Dayanand

॥जिहादी दयानंद॥   दयानंद यजुर्वेदभाष्य, अध्याय १३ मंत्र ४८, ४९, इमं मा हिँ सीर् एकशफं पशुं कनिक्रदं वाजिनं वाजिनेषु। गौरम् आरण्यम् अनु ते दिशामि तेन चिन्वानस् तन्वो नि षीद। गौरं ते शुग् ऋच्छतु यं द्विष्मस् तं ते शुग् ऋच्छतु॥ ~यजुर्वेद {१३/४८} इम्ँ साहस्र्ँ शतधारम् उत्सं व्यच्यमान्ँ सरिरस्य मध्ये।...

Read More...

, , , ,

महर्षि या फिर महाचुतिया! | Mharishi Ya Fir Maha Chutiya

इस लेख के माध्यम से मैं आप लोगों के सामने दयानंद कृत यजुर्वेदभाष्य के कुछ ऐसे भाष्य रख रहा हूँ जिसे पढ़कर एक बार को आप लोगों की बुद्धि भी चकरा जायेगी आप लोगों को यही समझ में नहीं आयेगा कि दयानंद के इन भाष्यों पर हंसें, क्रोधित...

Read More...

, , , ,

स्वामी दयानंद एकादश नियोग की देन | Swami Dayanand Aekadas Niyog KI Dain

सनातन धर्म से भिन्न दयानंद द्वारा चलाए गये वेद विरुद्ध मतों में से एक मत है पशुधर्म नाम से विख्यात “नियोग प्रथा” दयानंद ने अपने तथाकथित ग्रंथ “सत्यार्थ प्रकाश” में लगभग पूरा एक समुल्लास इस पशुधर्म नियोग पर ही लिखा है, और वेदादि शास्त्रों के अर्थ का अनर्थ...

Read More...

, , ,

नस्लभेदी जातिवादी “दयानंद” | Naslbhedhi Jativadi Dayanand

॥पैदाइशी चुतिया प्रकरण॥ हमारे दयानंदी गपोड़िये अक्सर एक बात कहते नहीं थकते कि दयानंद ने समाज में व्याप्त सामाजिक कुरीतियों पर आक्रमण करते हुए, जातिवाद का विरोध किया, तथा कर्म के आधार पर वेदानुकूल वर्ण-निर्धारण की बात कही, वे दलितोद्धार के पक्षधर थे, इसी प्रकार के और न...

Read More...

डाउनलोड "दयानंद वेदभाष्य खंडनं " Pdf Book

डाउनलोड "दयानंद आत्मचरित (एक अधूरा सच)" Pdf Book

.

Contact Us

Name

Email *

Message *