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वराहमिहिर (वरःमिहिर) ईसा की पाँचवीं-छठी शताब्दी के भारतीय गणितज्ञ एवं खगोलज्ञ थे। वाराहमिहिर ने ही अपने पंचसिद्धान्तिका में सबसे पहले ब...
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आर्यभट भारत ही नही बल्कि प्राचीन विश्व के एक महान वैज्ञानिक और गणितज्ञ थे। आचार्य आर्यभट ने वैज्ञानिक उन्नति में केवल योगदान...
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सनातन धर्म से भिन्न दयानंद द्वारा चलाए गये वेद विरुद्ध मतों में से एक मत है पशुधर्म नाम से विख्यात “नियोग प्रथा” दयानंद ने अपने तथाकथित...
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प्रेरक प्रसंग : पुत्र के लिए प्रार्थना प्रत्येक माता के मन में यह भाव स्वाभाविक होता है कि उसकी संतान कुल की कीर्ति को उज्जवल करे. प्र...
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चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : सोलहवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Sixteenth Chapter )
00:11 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : पन्द्रहवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Fifteenth Chapter )
00:00 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : चौदहवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Fourteenth Chapter )
23:47 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : तेरहवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Thirteenth Chapter )
23:27 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : बारहवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Twelfth Chapter )
23:59 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
☞ वह गृहस्थ भगवान् की कृपा को पा चुका है जिसके घर में आनंददायी वातावरण है. जिसके बच्चे गुणी है. जिसकी पत्नी मधुर वाणी बोलती है. जिसके पास अपनी जरूरते पूरा करने के लिए पर्याप्त धन है. जो अपनी पत्नी से सुखपूर्ण सम्बन्ध रखता है. जिसके नौकर उसका कहा मानते है. जिसके घर में मेहमान का स्वागत किया जाता है. जिसके घर में मंगल दायी भगवान की पूजा रोज की जाती है. जहा स्वाद भरा भोजन और पान किया जाता है. जिसे भगवान् के भक्तो की संगती में आनंद आता है.
☞ जो एक संकट का सामना करने वाले ब्राह्मण को भक्ति भाव से अल्प दान देता है उसे बदले में विपुल लाभ होता है.
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : ग्यारहवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Eleventh Chapter )
23:46 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : दसवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Tenth Chapter )
23:37 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : नवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Ninth Chapter )
23:22 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
☞ तात, यदि तुम जन्म मरण के चक्र से मुक्त होना चाहते हो तो जिन विषयो के पीछे तुम इन्द्रियों की संतुष्टि के लिए भागते फिरते हो उन्हें ऐसे त्याग दो जैसे तुम विष को त्याग देते हो. इन सब को छोड़कर हे तात तितिक्षा, ईमानदारी का आचरण, दया, शुचिता और सत्य इसका अमृत पियो.
☞ वो कमीने लोग जो दूसरो की गुप्त खामियों को उजागर करते हुए फिरते है, उसी तरह नष्ट हो जाते है जिस तरह कोई साप चीटियों के टीलों में जा कर मर जाता है.
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : आठवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Eighth Chapter )
23:07 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
☞ नीच वर्ग के लोग दौलत चाहते है, मध्यम वर्ग के दौलत और इज्जत, लेकिन उच्च वर्ग के लोग सम्मान चाहते है क्यों की सम्मान ही उच्च लोगो की असली दौलत है.
☞ दीपक अँधेरे का भक्षण करता है इसीलिए काला धुआ बनाता है. इसी प्रकार हम जिस प्रकार का अन्न खाते है. माने सात्विक, राजसिक, तामसिक उसी प्रकार के विचार उत्पन्न करते है.
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : सातवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Seventh Chapter )
22:52 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
☞ एक बुद्धिमान व्यक्ति को निम्नलिखित बातें किसी को नहीं बतानी चाहिए ..
१. की उसकी दौलत खो चुकी है.
२. उसे क्रोध आ गया है.
३. उसकी पत्नी ने जो गलत व्यवहार किया.
४. लोगो ने उसे जो गालिया दी.
५. वह किस प्रकार बेइज्जत हुआ है.
☞ जो व्यक्ति आर्थिक व्यवहार करने में, ज्ञान अर्जन करने में, खाने में और काम-धंदा करने में शर्माता नहीं है वो सुखी हो जाता है.१. की उसकी दौलत खो चुकी है.
२. उसे क्रोध आ गया है.
३. उसकी पत्नी ने जो गलत व्यवहार किया.
४. लोगो ने उसे जो गालिया दी.
५. वह किस प्रकार बेइज्जत हुआ है.
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : छठवां अध्याय ( Chanakya Neeti : Sixth Chapter )
22:34 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : पांचवा अध्याय ( Chanakya Neeti : Fifth Chapter )
22:18 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
☞ ब्राह्मणों को अग्नि की पूजा करनी चाहिए . दुसरे लोगों को ब्राह्मण की पूजा करनी चाहिए . पत्नी को पति की पूजा करनी चाहिए तथा दोपहर के भोजन के लिए जो अतिथि आये उसकी सभी को पूजा करनी चाहिए .
☞ सोने की परख उसे घिस कर, काट कर, गरम कर के और पीट कर की जाती है. उसी तरह व्यक्ति का परीक्षण वह कितना त्याग करता है, उसका आचरण कैसा है, उसमे गुण कौनसे है और उसका व्यवहार कैसा है इससे होता है.
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : चौथा अध्याय ( Chanakya Neeti : Fourth Chapter )
21:51 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
☞ निम्नलिखित बातें माता के गर्भ में ही निश्चित हो जाती है....
१. व्यक्ति कितने साल जियेगा २. वह किस प्रकार का काम करेगा ३. उसके पास कितनी संपत्ति होगी ४. उसकी मृत्यु कब होगी .
१. व्यक्ति कितने साल जियेगा २. वह किस प्रकार का काम करेगा ३. उसके पास कितनी संपत्ति होगी ४. उसकी मृत्यु कब होगी .
☞ पुत्र , मित्र, सगे सम्बन्धी साधुओं को देखकर दूर भागते है, लेकिन जो लोग साधुओं का अनुशरण करते है उनमे भक्ति जागृत होती है और उनके उस पुण्य से उनका सारा कुल धन्य हो जाता है .
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : तीसरा अध्याय ( Chanakya Neeti : Third Chapter )
21:25 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 1 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : द्वितीय अध्याय ( Chanakya Neeti : Second Chapter )
20:45 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments
चाणक्य नीति : Chanakya Neeti
चाणक्य नीति : प्रथम अध्याय ( Chanakya Neeti Chapter First )
19:25 उपेन्द्र कुमार 'हिन्दू' 0 Comments☞ तीनो लोको के स्वामी सर्वशक्तिमान भगवान विष्णु को नमन करते हुए मै एक राज्य के लिए नीति शास्त्र के सिद्धांतों को कहता हूँ. मै यह सूत्र अनेक शास्त्रों का आधार ले कर कह रहा हूँ।
☞ जो व्यक्ति शास्त्रों के सूत्रों का अभ्यास करके ज्ञान ग्रहण करेगा उसे अत्यंत वैभवशाली कर्तव्य के सिद्धांत ज्ञात होगे। उसे इस बात का पता चलेगा कि किन बातों का अनुशरण करना चाहिए और किनका नहीं। उसे अच्छाई और बुराई का भी ज्ञात होगा और अंततः उसे सर्वोत्तम का भी ज्ञान होगा।



